जब पेट खराब हो, बार-बार बाथरूम जाना पड़ रहा हो और पेट में दर्द हो, तब दही (Curd) और छाछ (Buttermilk) बहुत फायदेमंद होते हैं। ये दोनों पेट को ठंडा रखते हैं और digestion (पाचन) को सही करने में मदद करते हैं।
क्यों फायदेमंद है दही और छाछ?
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प्रोबायोटिक्स (Good Bacteria)
दही और छाछ में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो पेट के खराब बैक्टीरिया को संतुलित करते हैं
इससे loose motion धीरे-धीरे कम होता है -
पेट को ठंडा करता है
गर्मी और जलन को कम करता है
पेट दर्द और irritation में राहत मिलती है -
पाचन सुधारता है
खाना आसानी से पचता है और गैस या भारीपन नहीं होता
कैसे लें?
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दही
- 1–2 कटोरी दिन में खा सकते हैं
- हल्का नमक या भुना जीरा मिलाकर खाएं
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छाछ (Buttermilk)
- दिन में 2–3 बार थोड़ा-थोड़ा पी सकते हैं
- इसमें नमक और जीरा डालकर पीना ज्यादा फायदेमंद है
ध्यान रखने वाली बातें
- बहुत ज्यादा खट्टा दही न खाएं
- ठंडा (फ्रिज का) दही तुरंत न लें, normal temperature पर खाएं
- अगर पेट में ज्यादा दर्द या उल्टी हो रही हो, तो थोड़ी मात्रा से शुरू करें
नियमित रूप से दही या छाछ लेने से:
- पेट जल्दी ठीक होता है
- बार-बार बाथरूम जाने की समस्या कम होती है
- शरीर को ताकत भी मिलती है
